67:33 ही क्यों? जानने का अधिकार......

राजस्थान माध्यमिक शिक्षा द्वारा प्रिंसिपल पद पर की जा रही पदोन्नति से सम्बंधित ज्वलंत प्रश्न, शायद आपको भी परेशान कर रहे हो -

1   हेडमास्टर एवं लेक्चरर के पद समकक्ष हे, फिर हेडमास्टर वरिष्ठता वर्ष 2006-07 के लेकिन लेक्चरर वरिष्ठता वर्ष 1991-92 के पदोन्नत हो रहे है ऐसा क्यों?

2   हेडमास्टर वर्ग को 14-15 वर्ष की वरिष्ठता का लाभ किस कारण/आधार/वसीयत/अनुकरणीय कार्य पर दिया जा रहा है?

3  प्रिंसिपल पद पर पदोन्नति में रा शि से नियम 1970 का नियम 28 उपनियम 7 जो अस्तित्व में है की पालना क्यों नहीं की जा रही है? इस सम्बन्ध में पांच केस हाईकोर्ट में लंबित है।

4  प्रिंसिपल पद पर हेडमास्टर एवं लेक्चरर की क्रमशः 50:50 प्रतिशत की दर से पदोन्नति की जा रही है। क्या आप में से किसी लेक्चरर ने इस अनुपात का नियम रा शि से नियम 1970 में देखा है, (यदि ऐसा कोई नियम हो तो मुझे भी प्रेषित करे) मुझे तो इस प्रश्न का उत्तर आर टी आई से भी नहीं मिला है।

5  भारतीय गणतंत्र (राजस्थान में भी) की राजकीय सेवाओँ में मुझे ऐसा कोई उदाहरण नहीं मिला जिसमे एक ही वर्ग के दो पदों की पदोन्नति की वरिष्ठता में 15 वर्षो का अंतर हो सिवाय माध्यमिक शिक्षा के प्रिंसिपल पद की पदोन्नति में।

6  रेसला के कतिपयअग्रणी साथी प्रिंसिपल पद के पदोन्नति अनुपात को 50:50 के स्थान पर 33:67 संशोधित कराने को तत्पर है। शायद उन साथियों ने 50:50 प्रतिशत/अनुपात के नियमो को देखा हो एवं अध्ययन भी किया हो। मेरा उन अग्रणी साथियों से करबद्ध आग्रह है वे उक्त नियम को व्हाट्सएप पर प्रकाशित करावे जिससे सभी साथी संतुष्ट हो सके। या अग्रणी साथियों ने हेडमास्टर वर्ग की घोषणा/कथन/पत्र पत्रिका में प्रकाशित समाचार/पिछली की गयी पदोन्नतियों को ही देख कर स्वीकार कर लिया है कि प्रिंसिपल पद पर पदोन्नति का अनुपात 50:50 ही है। बीकानेर के साथियों यदि इस प्रकार का कोई नियम हो उसे पत्र-पत्रिकाओं में प्रकाशित कराकर लेक्चरर्स को संतुष्ट करे।

7  यदि ऐसा कोई नियम नहीं हो तो सभी साथी एकजुट होकर रा शि से नियम 1970 के नियम 28 उपनियम 7 (नियम 28/7) को लागु कराने में अपना आशीर्वाद प्रदान करावे।

8  नियम 28/7 को लागु कराने हेतु माननीय मुख्यमंत्री महोदया, कार्मिक विभाग के सचिव महोदय, निदेशक महोदय एवं राजस्थान संपर्क पोर्टल पर निवेदन किया है।
यदि इस सम्बन्ध मे कोई लेक्चरर साथी भीं उपरोक्त को ईमेल या हार्डकॉपी देना चाहे और इस अभियान को आगे बढ़ाना चाहे तो मुझे इस ईमेल अड्रेस पर सूचित करावे। raakeshpg@gmail.com
reslarajasthan@gmail.com

9  साथियों यह ईमेल आपकी सभी शंकाओं अथवा भ्रांतियों को संतुष्ट करेगा एवं इस विषय की मानसिक औचित्य - अनोचित्य की प्रक्रियाओं को तर्कपूर्ण तरीके से संतुष्ट करेगा।

10  ईमेल के तर्कों को पढने के पश्चात् यदि आप संतुष्ट है तो आपका इस अभियान (मिशन 28/7) में स्वागत है। 

राकेश p g   से साभार।

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Resla Raj

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